
Ranji Trophy Final 2026
भारतीय घरेलू क्रिकेट के 90 साल के इतिहास में 28 फरवरी 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड (KSCA Hubballi Cricket Ground) पर खेले गए रणजी ट्रॉफी 2025-26 (Ranji Trophy 2025-26) के फाइनल मुकाबले में जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) ने एक ऐसा चमत्कार कर दिखाया है जिसकी गूंज सालों तक सुनाई देगी।
जम्मू और कश्मीर ने 67 सालों के लंबे और थका देने वाले इंतज़ार को खत्म करते हुए, कप्तान पारस डोगरा की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर टीम ने 8 बार की चैंपियन कर्नाटक को उसी के घर में मात देकर अपना पहला रणजी खिताब जीत लिया है। यह खिताबी मुकाबला 5वें दिन ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन ‘पहली पारी की बढ़त’ (First Innings Lead) के नियम के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।
टॉस (Toss): जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीता और बिना किसी हिचकिचाहट के पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
J&K vs KAR Ranji Trophy Final 2026
जम्मू कश्मीर ने शनिवार को कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ रहे फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर 67 साल का इंतजार खत्म करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया. जम्मू कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए थे जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन ही बना पाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर को 291 रन की बढ़त मिली और उसने कर्नाटक को फॉलोआन के लिए आमंत्रित करने की बजाय दूसरी पारी खेलने का फैसला किया।
पांचवें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर ने जब तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए थे तब दोनों टीम के कप्तान मैच को ड्रॉ करने पर सहमत हो गए और इस तरह से जम्मू कश्मीर पहली बार चैंपियन बन गया. जम्मू कश्मीर ने सुबह अपनी दूसरी पारी चार विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई. कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने कर्नाटक को एक भी सफलता हासिल नहीं करने दी और नाबाद शतक लगाए।
Jammu and Kashmir won Ranji Trophy 2026
जब मैच ड्रॉ करने पर सहमति बनी उस समय सुबह अपनी पारी 94 रन से आगे बढ़ाने वाले इकबाल 160 और लोत्रा 101 रन पर खेल रहे थे. लोत्रा ने सुबह अपनी पारी 16 रन से आगे बढ़ाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर में अपनी कुल बढ़त 633 रन कर दी थी. यह जम्मू कश्मीर का पहला रणजी ट्रॉफी खिताब है, जो इस टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. जम्मू कश्मीर ने इस तरह से रणजी ट्रॉफी जीतने का 67 साल का लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया।
नियम: ड्रॉ होने पर जम्मू-कश्मीर कैसे बना चैंपियन?
रणजी ट्रॉफी के नियमों के अनुसार, यदि 5 दिन का नॉकआउट मुकाबला (क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल या फाइनल) ड्रॉ (draw) पर समाप्त होता है, तो उस टीम को विजेता घोषित किया जाता है जिसने ‘पहली पारी में बढ़त’ (First-Innings Lead) हासिल की हो।चूंकि जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे और कर्नाटक को 293 पर आउट कर दिया था, इसलिए उन्हें 291 रनों की बढ़त मिली। यही बढ़त उनके चैंपियन बनने का निर्णायक फैक्टर साबित हुई।
शानदार प्रदर्शन
आकिब नबी (Player of the Series): तेज गेंदबाज आकिब नबी इस पूरे सीजन के असली हीरो रहे। उन्होंने इस रणजी सीजन में कुल 60 विकेट चटकाए। वह रणजी इतिहास में एक सीजन में 60 विकेट लेने वाले केवल तीसरे तेज गेंदबाज बन गए हैं।
शुभम पुंडीर (Player of the Match): फाइनल मुकाबले में 121 रनों की नींव रखने वाले पुंडीर को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
दिग्गजों ने की तारीफ
सौरव गांगुली: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने टीम की तारीफ करते हुए कहा कि आकिब नबी का यह प्रदर्शन उन्हें इस साल इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का टिकट दिला सकता है।
दिनेश कार्तिक: पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने भी आकिब नबी को ‘एब्सोल्यूट चैंपियन’ बताते हुए उनके 60 विकेटों के रिकॉर्ड की सराहना की।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मौजूद
जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच रणजी ट्रॉफी के फाइनल मैच को देखने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी स्टेडियम में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर मैच की तस्वीरें साझा की थी।





